अदम्य साहस, अविश्वसनीय प्रतिभा और अद्भुत ताल-मेल, टीम इंडिया ने 13 साल बाद विश्व कप की ट्रॉफी जीत कर नया कीर्तिमान रच दिया। बारबाडोस में खेले गए T20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय समयानुसार कल देर रात भारत ने दक्षिण अफ्रीका को काँटे के मुकाबले में 7 रनों से पराजित किया। दोनों टीम इस पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही थी और बड़े बड़े प्रतिद्वंदीयों को हरा कर फाइनल खेल रही थी। “चोकर्स” दक्षिण अफ्रीका पहली बार किसी भी विश्व कप का फाइनल मुकाबला खेल रही थी।
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पूरे टूर्नामेंट में बेरंग दिखे विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज विराट कोहली ने पहले ही ओवर में टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। अगले ओवर में रोहित शर्मा ने भी हाथ खोले लेकिन उसके तुरंत बाद एक एक कर कप्तान रोहित और खब्बू बल्लेबाज ऋषभ पंत पवेलियन लौट आए। सूर्यकुमार यादव ने क्रीच पर आकर कुछ अच्छे शॉट खेले लेकिन पावरप्ले खत्म होने से पहले ही 34 रन के स्कोर पर तीसरे विकेट के रूप में वापस लौट गए।
टीम इंडिया संकट में थी। विराट कोहली ने आक्रामक रवैया छोड़ कर फिर से एंकर की भूमिका निभाना शुरू कर दिया। और कोच राहुल द्रविड ने बल्लेबाजी क्रम में परिवर्तन कर अक्षर पटेल को भेज दिया। द्रविड का पाँसा सही बैठा और इन दोनों बल्लेबाजों ने 54 गेंदों में 72 रनों की साझेदारी कर भारत को संकट से निकाल दिया। अक्षर ने आउट होने से पहले कुछ करारे छक्के लगा कर यह जाहिर कर दिया कि इस बार ट्रॉफी से कोई समझौता नहीं होने वाला है।
अगले बल्लेबाज शिवम दुबे ने विराट का बखूबी साथ निभाया और बीच बीच में तेज तर्रार शॉट्स खेल रन गति को गिरने नहीं दिया। अर्धशतक पूरा करने के बाद कोहली ने गीयर बदला और अच्छे अच्छों की खबर ली। 19वें ओवर में कोहली 59 गेंद पर 76 रन बना कर आउट हुए तब भारत का कुल स्कोर 163 रन था और भारत एक मजबूत लक्ष्य की तरफ अग्रसर था।
भारत ने 20 ओवर की समाप्ति के बाद कुल 176 बनाए और दक्षिण अफ्रीका के सामने एक मजबूत लक्ष्य रखा। सुपर 8 और सेमीफाइनल में भारतीय गेंदबाजों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया था, 176 निश्चित रूप से एक कठिन लक्ष्य था अफ्रीका के लिए। और उसके बाद वही हुआ, जिसकी उम्मीद थी भारतीय गेंदबाजों से।
दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने दूसरे ओवर में ही रीजा हेनरिकेस को चलता किया। अगले ओवर में कप्तान मार्करम भी वापिस पवेलियन लौट गए। अफ्रीका का स्कोर था 2.3 ओवर के बाद 12 रन पर दो विकेट और टीम इंडिया की ही तरह अफ्रीका ने भी ट्रिस्टन स्टूबस को पहले भेज दिया जिन्होंने डी कॉक के साथ मिल महत्वपूर्ण 58 रन जोड़े और अफ्रीका को मुकाबले में बनाए रखा। तीसरे विकेट के पतन के बाद आए अफ्रीका टीम के सबसे खतरनाक बल्लेबाज हेनेरी क्लासन जिन्होंने एक के बाद एक ताबड़तोड़ छक्के लगा कर भारतीय गेंदबाजी और समर्थकों के हौसले पस्त कर दिया। डी कॉक अर्शदीप का शिकार बने और नए बल्लेबाज मिलर ने हेनेरी क्लासन का बखूबी साथ दिया। हेनेरी क्लासन का बल्ला आग उगल रहा था और उस आग में भारतीय उम्मीद झुलसने लगी। अफ्रीकी बल्लेबाजों ने स्पिनर्स को निशाना बनाया। 15 वें ओवर में हेनेरी क्लासन ने अक्षर पटेल के ओवर में 22 रन कूट दिए और अफ्रीका के सामने लक्ष्य था 30 गेंदों में मात्र 30 रन।

भारत लगभग मुकाबले से बाहर हो चुका था। भारतीय समर्थकों के आँखों का रंग बदल चुका था। भारतीय टीम एक और विश्व कप फाइनल हारने के कगार पर पहुँच चुकी थी। ऐसे में कप्तान रोहित ने अपने तरकश से ब्रह्मास्त्र निकाला, जसप्रीत बुमराह जिन्होंने 16 वें ओवर में मात्र 4 रन दिया। अगले ओवर में हार्दिक पाण्ड्या ने खतरनाक हेनेरी क्लासन को पवेलियन का रास्ता दिखाया और वापसी की कवायत शुरू की लेकिन हेनेरी क्लासन ने जाने से लक्ष्य की कमर तोड़ दी थी।
जसप्रीत बुमराह ने 18 वें ओवर में मात्र 2 रन दिया और यंसेन को आउट भी किया। अंतिम 2 ओवर में अफ्रीका को जीतने के लिए 21 रन और बनाने थे। भारतीय टीम की वापसी हो चुकी थी। विश्व कप का सपना साकार होता दिख रहा था। 19 वें ओवर में अर्शदीप ने भी मात्र 4 रन खर्चे और अंतिम ओवर में जीत के लिए अफ्रीका को बनाना था कुल 16 रन।

खतरनाक मिलर ओवर की पहली गेंद पर पवेलियन लौट गए। सूर्यकुमार यादव ने 1983 विश्व कप के कपिल देव के उस शानदार कैच की याद दिल दी जिसने विवियन रिचर्ड्स को आउट किया था। मैच भारत की झोली में था। अफ्रीकन बल्लेबाजी क्रम तहस नहस हो चुका था।भारत ने 7 रनों से जीत दर्ज की और दूसरी बार T20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। विराट कोहली ने अपनी शानदार बल्लेबाजी लिए “मैन ऑफ द मैच” का खिताब जीता। बुमराह को मिला “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” और कप्तान रोहित और करोड़ों भारतीय समर्थकों को मिला विश्व कप का खिताब और अभूतपूर्व गौरव। पिछले साल 19 नवंबर की हार का जवाब था यह जीत जिसने साबित किया कि भारतीय क्रिकेट टीम निश्चित रूप से क्रिकेट दुनिया का सिरमौर है।
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